देश भर के बेसिक शिक्षकों को सेवा में बनाए रखने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षक संगठन अब बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसी क्रम में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में शिक्षकों की एक विशाल महारैली आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिक्षक भाग लेंगे।
यह घोषणा टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक बैठक के बाद की। यह बैठक कांस्टीट्यूशन क्लब में टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कई राज्यों के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बातचीत में यह आश्वासन दिया गया था कि सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता से राहत देने के लिए कानून बनाया जाएगा। हालांकि, अब तक केंद्र सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश भर के शिक्षक इस मुद्दे को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए दिल्ली में बड़ी महारैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस रैली के माध्यम से शिक्षक सरकार से अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील करेंगे।
टीएफआई के अनुसार, इस महारैली में विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे और सरकार से टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की जाएगी।
बैठक में कई प्रमुख शिक्षक नेता भी मौजूद रहे। इनमें राममूर्ति ठाकुर, संजय सिंह, योगेश त्यागी, शिवशंकर पांडेय, विपिन प्रकाश शर्मा, राधेरमण त्रिपाठी, देवेंद्र श्रीवास्तव, केदार जैन, मनीष मिश्रा, वेद प्रकाश मिश्रा, रविंद्र राठौर और कल्पना राजौरिया समेत अन्य शिक्षक प्रतिनिधि शामिल थे।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दिल्ली में होने वाली यह महारैली शिक्षकों के आंदोलन का एक बड़ा चरण मानी जा रही है।















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