अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का एक वैज्ञानिक उपग्रह लगभग 14 वर्षों तक पृथ्वी की कक्षा में रहने के बाद अब वायुमंडल में पुनः प्रवेश की स्थिति में पहुंच गया है। इस उपग्रह का नाम Van Allen Probe A है, जिसे वर्ष 2012 में अंतरिक्ष में भेजा गया था।
यह उपग्रह पृथ्वी के आसपास मौजूद विकिरण क्षेत्रों के अध्ययन के लिए भेजा गया था और इसने अपने मिशन के दौरान अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की।
Van Allen मिशन क्या था
Van Allen Probe A मिशन का उद्देश्य पृथ्वी के चारों ओर मौजूद Van Allen Radiation Belts का अध्ययन करना था। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ उच्च ऊर्जा वाले कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में फंसे रहते हैं।
इस मिशन के तहत दो उपग्रह लॉन्च किए गए थे:
- Van Allen Probe A
- Van Allen Probe B
इन उपग्रहों ने वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की कि अंतरिक्ष में मौजूद विकिरण उपग्रहों, अंतरिक्ष यानों और अंतरिक्ष यात्रियों को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है।
कब लॉन्च किया गया था यह सैटेलाइट
इस मिशन को 30 अगस्त 2012 को NASA द्वारा लॉन्च किया गया था। मिशन की मूल योजना लगभग दो वर्षों तक संचालन की थी, लेकिन उपग्रहों ने अपेक्षा से अधिक समय तक काम किया और कई वर्षों तक वैज्ञानिक डेटा प्रदान करते रहे। बाद में वर्ष 2019 में ईंधन समाप्त होने के बाद इन उपग्रहों को आधिकारिक रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।
उपग्रह का वजन और संरचना
उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार Van Allen Probe A का वजन लगभग 600 किलोग्राम (करीब 1300 पाउंड) है।
यह उपग्रह विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों से लैस था जो अंतरिक्ष में मौजूद ऊर्जा कणों, चुंबकीय क्षेत्र और विकिरण गतिविधियों का अध्ययन करने के लिए बनाए गए थे।
वायुमंडल में प्रवेश के दौरान क्या होगा
जब कोई निष्क्रिय उपग्रह पृथ्वी की कक्षा से नीचे आता है और वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो अत्यधिक गति और वायुमंडलीय घर्षण के कारण तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस प्रक्रिया के दौरान उपग्रह का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो जाता है।
इसी कारण अंतरिक्ष एजेंसियां मानती हैं कि ऐसे पुनः प्रवेश की घटनाओं में पृथ्वी की सतह तक बहुत कम मलबा पहुंचता है।
पृथ्वी पर जोखिम कितना है
अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसे मामलों में लोगों के लिए जोखिम बहुत कम होता है।
पृथ्वी की लगभग 70 प्रतिशत सतह महासागरों से ढकी हुई है, इसलिए यदि कोई अवशेष बचता भी है तो उसके समुद्र या कम आबादी वाले क्षेत्रों में गिरने की संभावना अधिक होती है।
वैज्ञानिक महत्व
Van Allen Probe A मिशन ने अंतरिक्ष विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस मिशन से वैज्ञानिकों को निम्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी मिली:
- पृथ्वी के विकिरण बेल्ट की संरचना
- अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) की गतिविधियां
- उच्च ऊर्जा वाले कणों की गति
- उपग्रहों पर विकिरण का प्रभाव
इन अध्ययनों से भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की योजना बनाने और अंतरिक्ष में काम करने वाले उपकरणों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलती है।
दूसरा उपग्रह अभी भी कक्षा में
इस मिशन का दूसरा उपग्रह Van Allen Probe B भी इसी कार्यक्रम का हिस्सा था।
दोनों उपग्रहों ने कई वर्षों तक वैज्ञानिक डेटा एकत्र किया और अंतरिक्ष में मौजूद विकिरण से जुड़े शोध में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अंतरिक्ष एजेंसियों की निगरानी
उपग्रहों के पुनः प्रवेश से संबंधित गतिविधियों की निगरानी विभिन्न अंतरिक्ष एजेंसियां और ट्रैकिंग नेटवर्क करते हैं।
इन एजेंसियों के माध्यम से उपग्रहों की कक्षा, उनकी गति और वायुमंडल में प्रवेश से संबंधित जानकारी का लगातार अध्ययन किया जाता है।











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