न्यूयॉर्क, एजेंसी।
वैज्ञानिकों को पहली बार मंगल ग्रह पर बिजली होने के ठोस संकेत मिले हैं। NASA के एक अंतरिक्ष यान द्वारा दर्ज किए गए विशेष रेडियो सिग्नल ‘व्हिस्लर’ के विश्लेषण से बिजली जैसी गतिविधि का प्रमाण सामने आया है।
इस खोज से वैज्ञानिकों को मंगल पर जीवन की संभावनाओं, वहां के मौसम, रासायनिक प्रक्रियाओं और भविष्य में मानव मिशनों की तैयारियों को बेहतर समझने में मदद मिलेगी। नासा का यान जब मंगल की परिक्रमा कर रहा था, तब उसने एक लाख से अधिक रेडियो रिकॉर्डिंग एकत्र कीं। इनमें से एक खास सिग्नल बिजली से उत्पन्न होने वाली तरंगों जैसा पाया गया।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब बिजली कड़कती है तो केवल रोशनी और गर्जना ही नहीं होती, बल्कि रेडियो तरंगें भी उत्पन्न होती हैं। ये तरंगें जब किसी ग्रह के ऊपरी वायुमंडल से गुजरती हैं, तो रिकॉर्डिंग में सीटी या व्हेल जैसी ध्वनि सुनाई देती है, जिसे ‘व्हिस्लर’ कहा जाता है।
अब तक मंगल पर बिजली होने की संभावना जताई जाती रही थी, लेकिन ठोस प्रमाण नहीं मिले थे। इस नई खोज ने स्पष्ट किया है कि मंगल के वातावरण में भी बिजली जैसी चमक उत्पन्न होती है, जो वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।






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