28 मई 2026: विवाद की शुरुआत
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में रहने वाले 17 वर्षीय कक्षा 11 के छात्र सूर्या प्रताप चौहान को 28 मई को कुछ युवकों ने, बुलाया था मिलने के लिए। जांच, और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के मुताबिक़ पहले से जान-पहचान रखने वाले ही युवक थे जिनके बीच किसी बात को लेकर, तीखी तकरार हो गई। बाद में पुलिस इस एंगल पर भी पड़ताल करती रही कि विवाद कहीं बाइक चलाने से जुड़ा तो नहीं था, या फिर आपसी रंजिश से भी इसका कनेक्शन हो सकता है।
हमला कैसे हुआ?
परिवार की शिकायत के मुताबिक सूर्या अपने दोस्तों के साथ था, और उसी दौरान उसकी मुलाकात, मुख्य आरोपी असद और उसके साथियों से हो गयी। फिर बात बढ़ती गयी और यह आरोप लगाया गया है कि असद ने सूर्या के पेट में, कई बार चाकू से वार किया। नतीजन गंभीर हालत में सूर्या को तुरंत अस्पताल ले जाया गया
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सूर्या को निशाना बनाने वाले एक से ज्यादा लोग थे , और घटना के वक्त कई आरोपी मौके पर मौजूद थे। परिवार का कहना है कि सूर्या को घेरकर ही हमला किया गया, ऐसे में यह घटना और भी गंभीर मानी जा रही है।

29 मई 2026: अस्पताल में मौत
हमले के बाद सूर्या का इलाज चल रहा था, पर 29 मई को उसने दम तोड़ दिया, बस यहीं से सारी बात बिखर गई। छात्र की मौत वाली खबर जैसे ही फैली, वैसे ही पूरे इलाके में नाराज़गी फैलने लगी, और लोग बस रुके नहीं। स्थानीय लोगों ने फिर से आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन शुरू कर दिए, कुछ ने तो जोर जोर से कहना भी शुरू कर दिया कि जल्द कार्रवाई हो.
पुलिस की कार्रवाई
मामले के बाद पुलिस ने तुरंत जाँच शुरू की, और कई टीमों का गठन कर दिया गया। शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी असद फरार ही रह गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया , ताकि उसे जल्द पकड़ा जा सके।
अन्य आरोपियों के नाम सामने आए
जांच के दौरान पुलिस ने फरहान, आतिफ, नवाब, और कुछ अन्य शकियों की भी भूमिका को देखना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक फरहान पर ये आरोप है कि उसने उस घटना में काम में लिया गया चाकू पहले से उपलब्ध करा दिया था। बाद में, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिसी जांच में ये बात भी सामने आई कि आरोपी और पीड़ित एक दुसरे को पहले से जानते थे ,और उनके बीच पहले भी किसी न किसी तरह का विवाद रह चुका था ।
इलाके में तनाव
हत्या हो जाने के बाद , खोड़ा क्षेत्र में माहौल थोड़ा सा भारी भारी सा सा हो गया। फिर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आये , और आरोपियों के बारे में कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। इधर उधर कई संगठन भी उतरे, उन्होंने भी प्रदर्शन किया। कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया , जिससे स्थिति पर नियंत्रण बना रहे।
31 मई 2026: असद का एनकाउंटर
31 मई के आसपास पुलिस को ये सूचना मिली कि मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों के साथ मिलने आने वाला है, और साथ ही वहां से फरार होने की तैयारियां कर रहा है। इधर पुलिस ने तत्काल इलाके में घेराबंदी कर दी, फिर भी पुलिस का दावा है कि जब रोकने की कोशिश की गई तब असद ने फायरिंग कर दी। उसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, और फिर मुठभेड़ के दौरान असद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, मौके से एक हथियार साथ ही एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
परिवार की प्रतिक्रिया
असद के एनकाउंटर होने के बाद सूर्या के परिवार ने कह दिया कि बस एक ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करना, इतना भर काफी नही है. परिवार ने बाकी आरोपियों के लिए भी सख्त कदम, और सच्चा न्याय चाहिए, ये बात उन्होंने रखी. सूर्या की मां ने मीडिया से भी कहा कि इस मामले में जो जो लोग शामिल है, उन सब को कानून के मुताबिक सजा मिलनी ही चाहिए।
असद के परिवार पर कार्रवाई
अगले दिन एनकाउंटर के, प्रशासन ने असद के घर को लेकर अतिक्रमण का नोटिस जारी कर दिया। अधिकारियों का कहना ये था कि मकान, सरकारी जमीन पर बनाये जाने संबंधी जांच के दायरे में है, बस यही बात है। परिवार को नोटिस देके जवाब मांगा गया—क्योंकि उनके पास अपने पक्ष में कुछ दस्तावेज़ या जानकारी हो सकती है ।
मदरसों की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने खोड़ा इलाके में एक सत्यापन वाला अभियान, चला दिया … इसी बीच दो मदरसों को भी, सील किया गया। अधिकारी लोग इसे नियमित जांच और सत्यापन अभियान का हिस्सा बतातें हैं, जबकि दूसरी तरफ़ संबंधित पक्षों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाये। कई लोग कह रहे थे कि बात कुछ और है, और प्रक्रिया में जल्दी जल्दी किया गया।
वर्तमान स्थिति (जून 2026)
फिलहाल:
- सूर्या चौहान हत्याकांड की जांच जारी है।
- कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
- मुख्य आरोपी असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है।
- अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
- पुलिस और प्रशासन क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।















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