माधौगंज। क्षेत्र के एक परिषदीय विद्यालय में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। विभागीय जांच में लापरवाही और अनुचित आचरण के संकेत मिलने पर पहले ही उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब मामले ने कानूनी रूप ले लिया है, जिससे शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों सतर्क हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला विकास खंड के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक का व्यवहार पिछले कुछ समय से संदिग्ध था। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और उनके परिजनों ने कई बार मौखिक शिकायत भी की थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। हाल ही में एक अभिभावक ने लिखित शिकायत देकर पूरे प्रकरण को सार्वजनिक किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय संचालन में अनियमितताएं की जा रही थीं और कुछ छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार भी किया गया। मामला सामने आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने तत्काल जांच बैठा दी। जांच टीम ने विद्यालय पहुंचकर छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीणों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई, जिसके आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय कार्रवाई के साथ ही संबंधित अभिभावक ने थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि स्कूल बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं, ऐसे में वहां किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालयों की नियमित निगरानी हो और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उनकी प्राथमिकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर आरोपी को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही अन्य विद्यालयों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका और प्रशासन पर भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच पारदर्शी ढंग से होगी और सच सामने आएगा। वहीं पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। फिलहाल आरोपी प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबन की स्थिति में हैं और जांच जारी है। पूरे क्षेत्र की नजर इस प्रकरण पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही जांच पूरी होगी और सच्चाई के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बना रहे।
स्कूल में छात्राओं से दुर्व्यवहार मामला, शिक्षक पर एफआईआर








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