ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में मांगी शरण, राष्ट्रीय गान विवाद के बाद लिया बड़ा फैसला

हाल ही में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय खेल खबर सामने आई। ईरान की महिला फुटबॉल टीम की कुछ खिलाड़ी टूर्नामेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं, लेकिन बाद में उन्होंने वहीं रहने का निर्णय लिया।

खबर का पूरा मामला

2026 में AFC Women’s Asian Cup टूर्नामेंट के दौरान ईरान की महिला फुटबॉल टीम ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट शहर में खेली। इसी दौरान, टीम की कुछ खिलाड़ियों ने एक मैच से पहले अपने देश का राष्ट्रीय गान गाने से मना कर दिया। इस घटना के बाद उन्हें ईरान में काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्हें सजा या कार्रवाई का डर सताने लगा।

इसलिए कुछ खिलाड़ियों ने वापस ईरान लौटने के बजाय, ऑस्ट्रेलिया सरकार से शरण मांगी। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए उनको मानवाधिकार वीजा दे दिया। इससे वे फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं और आगे उन्हें स्थायी निवास भी मिल सकता है।

इन खिलाड़ियों में ज़हरा घनबारी, ज़हरा सारबाली, अतेफेह रमज़ानिज़ादेह, फातिमा पसंदीदेह और मना हामौदी के नाम शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआत में 5 खिलाड़ियों को वीजा दिया गया। बाद में टीम के कुछ और सदस्य भी ऑस्ट्रेलिया में रहने का फैसला करने लगे। कुल मिलाकर लगभग 7 सदस्य ऑस्ट्रेलिया में रुक गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय ने कहा कि इन खिलाड़ियों को सुरक्षा और स्वतंत्रता देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अब ये खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं और वहां क्लब फुटबॉल खेलने के मौके भी मिल सकते हैं।

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