मनोज तिवारी को लेकर वायरल हो रहा रुपये-डॉलर वाला दावा झूठा, फैक्ट चेक में खुलासा

मनोज तिवारी को लेकर वायरल हो रहा रुपये-डॉलर

सोशल मीडिया पर इन दिनों बीजेपी सांसद Manoj Tiwari के नाम से एक कथित बयान तेजी से वायरल हो रहा है। कई न्यूज वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेजों पर उनकी तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि उन्होंने रुपये और डॉलर को लेकर एक बयान दिया है। वायरल पोस्ट में लिखा गया है— *“हमारे देश के लोग अपनी जेब में रुपया लेकर घूमते हैं, रुपये से खरीदारी करते हैं, हमें डॉलर से कोई लेना-देना नहीं है। डॉलर महंगा हो या सस्ता, हमारे देश के लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”*

यह पोस्ट फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काफी तेजी से शेयर की जा रही है। कई लोग इसे सच मानकर आगे भी भेज रहे हैं। हालांकि, जब इस दावे की जांच की गई तो मामला कुछ और ही निकला।

सोशल मीडिया पर अक्सर फोटो, वीडियो और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाई जाती है। कई बार ऐसे पोस्ट किसी खास एजेंडे के तहत वायरल किए जाते हैं ताकि लोगों को भ्रमित किया जा सके। इसी वजह से इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट चेक किया गया।

जांच के दौरान गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स सर्च किए गए, लेकिन किसी भी विश्वसनीय मीडिया संस्थान की ऐसी रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें मनोज तिवारी द्वारा इस तरह का बयान दिए जाने की पुष्टि होती हो। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मनोज तिवारी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी बताया।

वीडियो में मनोज तिवारी ने कहा कि उनके नाम से गलत बयान चलाया जा रहा है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर मीडिया संस्थान ही फेक न्यूज फैलाने लगें तो यह बेहद चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें स्क्रीनशॉट भेजे, जिसमें उनके हवाले से यह बयान वायरल किया जा रहा था।

मनोज तिवारी ने साफ कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा, “हम तो लोगों से कहते हैं कि जेब में ज्यादा रुपये लेकर मत घूमो, अपना बैंक अकाउंट खोलो और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करो।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेजों ने इस फर्जी बयान को चलाया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बीजेपी सांसद ने मीडिया से भी सवाल किया कि किसी व्यक्ति के नाम से बयान चलाने से पहले उससे पुष्टि क्यों नहीं की जाती। उनका कहना था कि इस तरह की फर्जी खबरें लोगों को गुमराह करती हैं और किसी की छवि खराब करने का काम करती हैं।

फैक्ट चेक में यह साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। मनोज तिवारी ने रुपये और डॉलर को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया। वायरल पोस्ट को एडिट और गलत दावे के साथ शेयर किया गया था।

लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी पोस्ट पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। कई बार फर्जी खबरें तेजी से वायरल होकर लोगों को भ्रमित कर देती हैं। इस मामले में भी वायरल दावा झूठा निकला। 

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