धार्मिक ड्रेस कोड से जुड़ी एक कथित घटना के बाद लेंसकार्ट के शेयरों में करीब 5 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो/रिपोर्ट वायरल होने के बाद कंपनी पर पक्षपात के आरोप लगे, जिसके चलते ऑनलाइन #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा। इस विवाद ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे कंपनी के मार्केट वैल्यूएशन में कमी आई है।
देश की प्रमुख आईवियर कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के लिए बिंदी-तिलक से जुड़ा विवाद महंगा साबित होता दिख रहा है। सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसकी वजह से कंपनी की वैल्यूएशन 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गई।
दरअसल, हाल ही में कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी ऑनलाइन सर्कुलेट हुई, जिसकी वजह से कंपनी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इस पॉलिसी में दिखाई देने वाले धार्मिक पहनावे पर रोक की बात कही गई थी। आरोप था कि कर्मचारियों को कुछ खास धार्मिक निशान, खासकर बिंदी और तिलक, लगाने से रोका गया था, जिससे लोगों में गुस्सा भड़क उठा और कंपनी के बहिष्कार की मांग तेज हो गई। सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ विरोध भी देखने को मिला।
कंपनी के शेयरों में कितनी गिरावट आई?
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबारी सत्र के दौरान लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में करीब 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान शेयर 508.70 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बाजार खुलने पर शेयर 530.05 रुपये पर ओपन हुआ था और पिछले कारोबारी दिन 534.85 रुपये पर बंद हुआ था।
गिरावट के बाद शेयर में कुछ रिकवरी भी देखने को मिली। दोपहर करीब 3 बजे कंपनी का शेयर लगभग 1 फीसदी की गिरावट के साथ 530.60 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों की ओर से थोड़ी खरीदारी हुई।
कंपनी को कितना नुकसान हुआ?
इस गिरावट का असर कंपनी के मार्केट वैल्यूएशन पर भी पड़ा। जब शेयर दिन के निचले स्तर पर पहुंचा, तब कंपनी की वैल्यूएशन घटकर 88,331.48 करोड़ रुपये रह गई। जबकि पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन कंपनी का वैल्यूएशन 92,872.20 करोड़ रुपये था।
इसका मतलब है कि कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन में करीब 4,540.72 करोड़ रुपये की कमी आई। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार देखने को मिला और दोपहर 3 बजे तक कंपनी का वैल्यूएशन 92,038.73 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया।
कंपनी की सफाई और नई पॉलिसी
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी की ओर से सफाई भी दी गई। लेंसकार्ट के फाउंडर Peyush Bansal ने कहा कि जो डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है, वह पुराना वर्जन है और मौजूदा पॉलिसी को नहीं दर्शाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी की वर्तमान गाइडलाइंस में किसी भी धार्मिक प्रतीक पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
इसके साथ ही कंपनी ने माफी मांगते हुए एक नई ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी की। इस नई पॉलिसी में कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने कहा कि अगर किसी भी कम्युनिकेशन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसे इसका गहरा अफसोस है।















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