तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस के रिसाव से बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में कम से कम सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आकर बीमार हो गए। प्रभावित लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना पूरे राज्य में चिंता का विषय बन गई है और औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार को तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम क्षेत्र के पास स्थित एक सीफूड एक्सपोर्ट एवं प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ। फैक्ट्री में समुद्री उत्पादों को सुरक्षित रखने और ठंडा रखने के लिए अमोनिया आधारित रेफ्रिजरेशन सिस्टम का उपयोग किया जाता था। इसी सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के कारण अमोनिया गैस का अचानक रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस फैक्ट्री परिसर में फैल गई और वहां काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गैस फैलते ही कई कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और चक्कर आने लगे। कुछ कर्मचारी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। स्थिति इतनी गंभीर थी कि फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना पड़ा।
मृतकों और घायलों की संख्या
घटना के बाद जारी रिपोर्टों के अनुसार सात लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं जो फैक्ट्री में कार्यरत थीं। इसके अलावा 70 से अधिक कर्मचारी गैस के प्रभाव से प्रभावित हुए हैं। कई लोगों को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। कुछ मरीजों की हालत नाजुक बताई गई है और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
राहत एवं बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंच गए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा विशेष रासायनिक प्रतिक्रिया टीमों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया। बचाव दलों ने फैक्ट्री परिसर को खाली कराया और गैस के रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रभावित कर्मचारियों को एंबुलेंस के माध्यम से विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया।
स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया है और अब स्थिति नियंत्रण में है।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
तमिलनाडु सरकार ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। तीन सदस्यीय विशेष समिति गठित की गई है, जिसमें औद्योगिक सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर और विस्तृत रिपोर्ट कुछ दिनों में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार ने कहा है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।
अमोनिया गैस कितनी खतरनाक है?
अमोनिया एक रंगहीन लेकिन तीखी गंध वाली गैस है जिसका उपयोग कोल्ड स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में व्यापक रूप से किया जाता है। सीमित मात्रा में नियंत्रित उपयोग सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अधिक मात्रा में रिसाव होने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। इसके संपर्क में आने से आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई, फेफड़ों को नुकसान और गंभीर मामलों में मृत्यु तक हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संयंत्रों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, गैस डिटेक्शन सिस्टम और आपातकालीन निकासी योजनाएं अनिवार्य होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में गैस रिसाव और रासायनिक दुर्घटनाओं की कई घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और आधुनिक निगरानी प्रणालियों के माध्यम से ऐसे जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुआ यह अमोनिया गैस रिसाव हादसा न केवल कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता है। सात लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की यह घटना उद्योगों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, लेकिन फिलहाल पूरा देश इस दुखद घटना से स्तब्ध है।
और अपडेट के लिए lulunews को सब्सक्राइब करें।










Leave a Reply