असम में बाढ़ का कहर: 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, राहत-बचाव अभियान तेज

असम में बाढ़ का कहर, 22 हजार प्रभावित

गुवाहाटी | 29 जून 2026

असम में मानसून की पहली बड़ी बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण राज्य के कई जिले जलमग्न हो गए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 96 से ज्यादा गांव पानी में डूब चुके हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिला धीमाजी (Dhemaji) बताया जा रहा है, जहां हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, जिससे हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जबकि हजारों पशुधन भी बाढ़ की चपेट में आए हैं।

धीमाजी में हालात सबसे ज्यादा खराब

धीमाजी जिले में बाढ़ का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां हजारों लोग प्रभावित हैं और कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से राहत एवं बचाव कार्यों में भी कठिनाई आ रही है।

इस बीच, सिमेन (Simen) नदी पर बना एक रेलवे पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल को नुकसान पहुंचने के बाद संबंधित रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों की आवाजाही में दिक्कतें बढ़ गई हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

राज्य सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियां मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

असम सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और बिना आवश्यकता बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाने से बचें।

केंद्र सरकार ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। राज्य सरकार और केंद्र के बीच राहत कार्यों को लेकर लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में असम और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का भी खतरा बताया है। ऐसे में प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

स्थिति पर लगातार नजर

राज्य प्रशासन ने बताया है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो प्रभावित क्षेत्रों की संख्या और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

(यह रिपोर्ट 29 जून 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी पर आधारित है। स्थिति में बदलाव संभव है।)

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